मिर्गी का अटैक आने पर आजमाएं ये पांच घरेलू नुस्खे,जो अटैक के प्रभाव को काम करें

मिर्गी के अटैक को दीर्घकालिक स्थिति भी कहा जाता है, जिसमे अटैक बार-बार आते है | मिर्गी का अटैक 30 सेकंड या 2  मिनट से ज़यादा समय तक नहीं रहता  है | आपने कई बार अपने आस पास शख्स को देखा होगा की वह अचानक हिलने-डोलने लग जाता है या दौरे पड़ने लग जाता है और जमीन में गिर जाता है, उसे मिर्गी का अटैक या दौरे पड़ना कहते है | दरअसल क्या होता है की जब एक व्यक्ति का दिमाग कोशिकाओं के द्वारा एक दूसरे को मंदेश भेजते है है तो यह बदलाव काफी तेज़ी से होता है , जिसकी वजह से मिर्गी के दौरे पड़ते है | मिर्गी के अटैक से व्यक्ति का मुड़ने लगता है और शरीर बाहत तेज़ी से  कपने लगता है, यह कम से काम 30 सेकंड या 2 मिनट तक भी रह सकता है | आईए जानते है इसके मुख्य कारण है :- 

मिर्गी का अटैक के मुख्य कारण क्या है ?

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मिर्गी का अटैक के मुख्य कारण व्यक्ति के मस्तिष्क में लगे कोई भी चोट से हो सकती है जैसे की :- 

  • दिमाग में किसी भी वजह से चोट लगना 
  • तम्बाकू, शराब या नशीली पदार्थों का लगातार 
  •  ट्यूमर  रोग  
  • दिमागी स्ट्रोक या रक्तस्त्राव 
  • अल्जाइमर रोग  
  • दिमाग में आये सूजन 

मिर्गी की वजह से व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है, इसके साथ- साथ असामान्य भावना और झटके भी  उत्पन्न हो जाता है, जिसकी सही समय पर इलाज करना बहुत ही आवश्यक है नहीं तो यह दौरे आगे जाकर बहुत  बड़ी समस्या का कारण भी बन सकता है | आइये जानते है पांच ऐसे घरेले नुस्खे जो मिर्गी के अटैक के प्रभाव को कम करने में सहयता करता है:- 

पीड़ित की हवा मिलती रहे 

किसी भी व्यक्ति की अगर मिर्गी का अटैक या दौरे पड़ते है तो सबसे पहले ये सुनिश्चित करे की उस व्यति को हवा मिलती रहे, आगर उसने तंग कपड़े पहने है तो उसके कपडे ढीले कर दे | ध्यान रखे की उस व्यक्ति के गले में किसी भी तरह का तंग कपड़ा ना हो, अगर है तो उसे तुरंत निकल ही दे | ऐसा करने से रोगी को सुखद मिलने में सहायता मिलेगी | 

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पीड़ित को नुकीली चीज़ों से दूर रखे     

पीड़ित व्यति के आस पास यह सुनिश्चित करे किसी भी तरह की कोई नुकीली चीजें न पड़ी हो जैसे की कांच टेबल या फर्नीचर,चाकू और कोई भी नुकीली चीज, जिसे व्यक्ति को चोट लग लग सकती है | दौरा ख़तम होते कोशिश करे आप उस व्यक्ति के साथ रहे और उसे सपोर्ट करे  | ऐसा करने से उस व्यक्ति को सहज मिलने में सहायता मिलती है | 

पीड़ित का मुँह साफ करे 

अटैक के बाद पीड़ित का मुँह वायुमार्ग के तरफ साफ़ करे, क्योंकि अटैक के दौरान पीड़ित व्यक्ति का जीभ पीछे के तरफ चला जाता है, जिसे सांस लेने में परेशानी होती है | 

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पीड़ित के घरवालों को कांटेक्ट  करे  

ऐसे समय पर सबसे पहले पीड़ित व्यक्ति की परिवार सदस्यों को कांटेक्ट करे उसके लिए आप उस व्यक्ति के पास पड़े मोबाइल या बैग से इमरजेंसी कांटेक्ट भी ले सकते और इस बात का ध्यान रखे की उस व्यक्ति के मुँह पर किसी भी तरह की चाबी या पानी डालने का प्रयास ना करे | 

पीड़ित को डॉक्टर के पास ले जाये 

वैसे तोह मिर्गी का अटैक 30 सेकंड से 2 मिनट के बीच ही रहता है , इस दौरान आप डॉक्टर से सलाह लेना ही  उचित होगा, ताकि स्थिति गंभीर न हो सके या फिर डॉक्टर के पास ले जाना ही बेहतर रहेगा | इसकी जुडी सलाह आप न्यूरो मास्टर डॉक्टर सुखदीप झावर से भी ले सकते ह जो की न्यूरोलॉजिस्ट स्पेशलिस्ट है |

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