आखिर कार्पल टनल सिंड्रोम क्या होता है? इसके लक्षण, कारण और इलाज के बारे में जानें डॉक्टर से

आज के समय में ज्यादातर लोग काम के चलते अपनी सेहत पर बिलकुल भी ध्यान नहीं दे, पाते हैं और हाथ -पैरों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। ऐसी ही एक समस्या कार्पल टनल सिंड्रोम (सीटीएस) जो हमारे हाथों से जुड़ी हुई होती है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि कार्पल टनल सिंड्रोम एक इस तरह की स्थिति है, जिसमें हमारे हाथों और कलाइयों में काफी तेज दर्द होता है और साथ में काफी ज्यादा झनझनाहट महसूस होती है। दरअसल, ऐसा कई बार देखने को मिलता है, कि बहुत से लोगों के हाथ काफी ज्यादा सुन्न हो जाते हैं, जो मीडियन नर्व के दबने की वजह से होता है। दरअसल, इस तरह की समस्या ज्यादातर उन लोगों में देखने को मिलती है, जो दिनभर कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम करते रहते हैं। आम तौर पर, हेल्थ रिपोर्ट्स के अनुसार, ज्यादातर महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कार्पल टनल जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। दरअसल, इस समस्या का विकास बहुत ही आम लक्षणों से होता है। अगर, लम्बे समय तक इस तरह की समस्या का समाधान न किया जाये, या फिर इस पर विशेष ध्यान न दिया जाये, तो यह आगे चलकर हाथ की स्थायी शिथिलता का कारण बन सकती है। असल में, कार्पल टनल सिंड्रोम शारीरिक संरचना से जुड़ी एक समस्या है, जिसमें कलाई में मौजूद नस दब जाती है, जिसकी वजह से हाथ में झनझनाहट और दर्द शुरू हो जाता है। इसके कारणों में, डायबिटीज जैसी समस्या, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, अमीलॉइडोसिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी समस्या शामिल हो सकती है। इसके साथ ही, इसके लक्षणों में हाथ के अंगूठे और उंगलियां में झनझनाहट, दर्द, सुन्नता, कंधों और कोहनियों में काफी ज्यादा दर्द होना, हाथों से किसी चीज को पकड़ने में तकलीफ होना शामिल हो सकता है। हालांकि, उचित देखभाल, उचित इलाज और घरेलू उपायों की सहायता से इस तरह की समस्या को पूरी तरीके से ठीक किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के लक्षणों, कारणों और इलाज के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

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कार्पल टनल सिंड्रोम के कारण

वैसे तो, कार्पल टनल सिंड्रोम की समस्या कई कारणों से विकसित हो सकती है। इसके कारणों में कई स्वास्थ्य स्थितियां भी शामिल हो सकती हैं। हालाँकि, इस तरह की समस्या ज्यादातर उन लोगों में देखने को मिलती है, जिनको बार -बार अपने काम के लिए कलाई को बलपूर्वक मोड़ना पड़ता है। इसके कारणों में निम्नलिखत कारक शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी समस्या होना 
  2. हाइपोथायरायडिज्म होना 
  3. मोटापा होना 
  4. गर्भावस्था होना।
  5. हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या होना। 
  6. अमीलॉइडोसिस होना। 

कार्पल टनल सिंड्रोम के लक्षण 

कार्पल टनल सिंड्रोम जैसी समस्या के कई लक्षण हो सकते हैं। इस समस्या की शरुआत आम लक्षणों से होती है, जिसको अक्सर लोग नज़रअंदाज कर देते हैं। इसके लक्षणों में निम्नलिखत शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. हाथों में दर्द और सुन्नपन महसूस होना
  2. उंगलियों में सूजन महसूस होना। 
  3. उंगलियों में जलन या फिर झुनझुनी जैसी समस्या का अनुभव होना विशेष तौर पर अंगूठे और मिडिल फिंगर में
  4. हाथ के अंगूठे और उंगलियां में काफी ज्यादा झनझनाहट महसूस होना
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कार्पल टनल सिंड्रोम का इलाज

हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि उचित देखभाल, उचित इलाज और घरेलू उपायों की मदद से इस तरह की समस्या को पूरी तरीके से ठीक किया जा सकता है। आम तौर पर, इस समस्या का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. कलाई की स्प्लिंटिंग: इलाज के इस तरीके में डॉक्टरों द्वारा कलाई को सहारा देने के लिए रात में सोते वक्त स्प्लिंट पहनने की सलाह प्रदान की जाती है। यह  समस्या में काफी ज्यादा लाभदायक सिद्ध होती है। आम तौर पर, इससे हाथों पर पड़ने वाले दबाव से राहत प्राप्त होती है और समस्या के लक्षणों को भी कम करने में काफी ज्यादा सहायता पर्याप्त होती है।  
  2. दवाएं: इस तरह की समस्या के लिए नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं, या फिर कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन को लिया जा सकता है। दरअसल, यह कार्पल टनल सिंड्रोम से जुड़े दर्द और सूजन को कम करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। 
  3. फिजियोथेरेपी: इस तरह की समस्या में फिजियोथेरेपी का भी सहारा लिया जा सकता है। आम तौर पर, फिजियोथेरेपी कलाई के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत और लचीलेपन को बढ़ाने के लिए आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकती है 
  4. सर्जरी: दरअसल, समस्या के गंभीर मामलों में अगर अन्य उपचार प्रभावी और सफल नहीं रहे हैं और इस समस्या के लक्षण काफी महीनों से बने हुए हैं, तो इस तरह की स्थिति में सर्जरी का सहारा लिया जा सकता है। 
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निष्कर्ष:

कार्पल टनल सिंड्रोम जैसी समस्या हाथों और कलाइयों से जुड़ी हुई होती है, जिसमें एक व्यक्ति को अपने हाथों में दर्द और झनझनाहट जैसी स्थिति का अनुभव हो सकता है। इस लेख में हमने आपको इस समस्या के लक्षणों और कारणों के बारे में विस्तार से बताया ही है, जिसका इलाज, कलाई की स्प्लिंटिंग, दवाओं और सर्जरी से किया जा सकता है। गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आप भी इसके बारे में, ज्यादा जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, या फिर अगर आपको भी इस तरह की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसका आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही झावर न्यूरो हॉस्पिटल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इस के विशेषज्ञों से इस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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