अगर आप भी न्यूरो रोग संबंधी समस्या का सामना कर रहें है – तो शरीर में दिखने वाले लक्षण से हो जाए सावधान !

न्यूरो संबंधी बीमारी यानि आपके दिमाग में किसी न किसी तरह की समस्या का आना और इस समस्या से आप कैसे खुद का बचाव कर सकते है और इसके लक्षण आपकी परेशानी को जानने में आपकी कितनी मदद कर सकते है इसके बारे में आज के लख में चर्चा करेंगे ;

न्यूरो संबंधी रोग क्या है ?

  • न्यूरो यानि की आपके दिमाग से संबंधी बीमारी है और ये बीमारी बढ़ कर आगे आपके जीवन के लिए खतरा भी साबित हो सकता है, इसलिए जरूरी है की आपको अपने दिमाग की जाँच को समय-समय पर करवाते रहना चाहिए ताकि आपको किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। 
  • न्यूरो संबंधी रोग में आपके दिमाग में बीमारियां उत्पन्न होने लगती है और आपका दिमाग सही तरीके से कार्य करने में असमर्थ हो जाता है। 
  • वहीं इस तरह की समस्या का सामना बुजुर्ग से लेकर बच्चे तक को करना पड़ता है। 

आपको न्यूरो संबंधी रोग के लिए न्यूरोलॉजिस्ट का चयन कब करना चाहिए ?

  • यदि आपको माइग्रेन का दर्द है, तो आपको संभवतः एक न्यूरोलॉजिस्ट से अपॉइंटमेंट लेना चाहिए, खासकर यदि लक्षण न्यूरोलॉजिकल विकारों से जुड़े हों तो।
  • जब आपकी मांसपेशियों में दर्द 10 सप्ताह से अधिक समय तक बना रहें और आपकी प्राथमिक देखभाल इसे ठीक करने में मददगार साबित नहीं हो पा रहीं तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना में बेस्ट न्यूरोलॉजिस्ट से मिलने पर विचार करना चाहिए।
  • वर्टिगो (ऐसा महसूस होना जैसे आपका सिर घूम रहा है) या आपको संतुलन बनाए रखने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, तो ये किसी गंभीर तंत्रिका संबंधी विकार की ओर इशारा कर सकता है।
  • लंबे समय तक शरीर के एक हिस्से में सुन्नता या झुनझुनी का महसूस होना, जो अक्सर अचानक आते-जाते है, स्ट्रोक किसी गंभीर स्थिति के कारण भी हो सकता है।
  • असंतुलन या लड़खड़ाहट और अनजाने झटके के कारण चलने में कठिनाई, ये सभी कुछ गंभीर तंत्रिका संबंधी विकारों को दर्शाते है।
  • याददाश्त में कमी या व्यक्तित्व में बदलाव या लड़खड़ाहट अल्जाइमर का संकेत हो सकता है।
See also  Did You Know That Neurological Disorders Can Cause Vision Loss? Read To Learn More About The Specific Conditions

न्यूरोलॉजी रोग के प्रकार क्या है ?

  • तंत्रिका तंत्र के विकासात्मक चरणों में समस्याएं जैसे स्पाइना बिफिडा।
  • आनुवंशिक रोग जैसे मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और हंटिंगटन रोग।
  • अपक्षयी या डिमाइलेटिंग रोग जो समय के साथ तंत्रिका तंत्र की कोशिकाओं को मरने या क्षतिग्रस्त होने का कारण बनते है, जैसे कि पार्किंसंस रोग और अल्जाइमर रोग।
  • मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति में समस्या के कारण स्ट्रोक जैसी सेरेब्रोवास्कुलर बीमारी होती है।
  • स्मृति हानि और मनोभ्रंश के रोग। 
  • रीढ़ की हड्डी के विकार में समस्या। 
  • वाणी और किसी भी चीज को सीखने संबंधी विकार का सामना करना। 
  • सिरदर्द संबंधी विकार जैसे माइग्रेन की समस्या का सामना करना।
  • नसों का दबना।  
  • झटके या अनियंत्रित हरकतें करना। 
  • कैंसर रोग। 
  • किसी अन्य दिमागी संक्रमण का सामना करना।  
  • नींद संबंधी विकार का सामना करना। 

अगर आप दिमाग में कैंसर की समस्या से पीड़ित और कैंसर ने काफी गंभीर रूप धारण कर लिया है, तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना में बेस्ट न्यूरोसर्जन के पास जाना चाहिए।

See also  तंत्रिका संबंधी विकार क्या है और इस दौरान किस तरह के लक्षण नज़र आते है ?

शरीर में न्यूरो संबंधी कौन-से लक्षण नज़र आते है !

  • न्यूरोलोजी संबंधी बीमारियों में आमतौर पर बोलने में अंतर का आना।  
  • मस्तिष्क से संबंधी बीमारियां।  
  • नर्व मांसपेशियों से जुड़े रोग।  
  • मायस्थेनिया ग्रेविस। 
  • रीढ़ की हड्डी संबंधी रोग का नज़र आना। 
  • शारीरिक असंतुलन की समस्या का सामना करना। 
  • शरीर में अकड़न की समस्या का सामना करना। 
  • शरीर में कमजोरी का आना। 
  • याददाश्त में कमी का आना। 
  • उठने, बैठने चलने में परेशानी का आना। 
  • शरीर में कंपन का उत्पन्न होना। 
  • मांसपेशियों का कठोर होना। 
  • निगलने में कठिनाई का सामना करना आदि लक्षण पाए जाते है। 
  • वहीं न्यूरो संबंधी अधिकांश बीमारियों का निदान प्रारंभिक अवस्था में करना आसान होता है, नहीं तो स्थिति गंभीर होने पर समस्या पर विराम नहीं लगाया जा सकता है।

न्यूरो संबंधी रोग का पता कैसे लगाए ?

आप न्यूरो संबंधी रोग का पता एमआरआई (MRI), सीटी स्कैन (CT) , ईईजी (EEG) , ईएमजी (EMG) , एनसीवी (NCV) तथा पैथोलोजी में रक्त की अनेक जांचों की मदद से दिमागी बीमारी का पता लगाया जा सकता है। 

न्यूरो संबंधी समस्याओं से कैसे करें खुद का बचाव ?

  • अधिकांश न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को रोका नहीं जा सकता। हालाँकि, इन्हें हम टाल सकते है उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर रोका जा सकता है, इसका मतलब है कि आपको संतुलित आहार लेना चाहिए। 
  • वसा का सेवन न्यूनतम रखने से यह सुनिश्चित होता है कि रक्त वाहिकाएं अवरुद्ध न हों। 
  • शराब पीने और धूम्रपान जैसी बुरी आदतों से बचने के साथ-साथ सक्रिय जीवनशैली अपनाने की तरफ ज्यादा जोर दें। किसी भी समस्या को जल्दी पकड़ने के लिए नियमित चिकित्सा जांच महत्वपूर्ण है। 
  • जब उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियाँ हों, तो उन्हें चिकित्सकीय देख रेख में प्रबंधित किया जाना चाहिए। जब किसी व्यक्ति में न्यूरोलॉजिकल विकार का निदान किया जाता है, तो इसका इलाज चिकित्सकीय देख-रेख में किया जाना चाहिए, और मिर्गी जैसी स्थितियों में, आगे की घटनाओं को रोकने के लिए उपाय किए जाने चाहिए। 
See also  what you can expect from your brain blood clot surgery recovery

न्यूरो रोग से बचाव के लिए बेस्ट हॉस्पिटल !

न्यूरो रोग काफी गंभीर समस्या है इसको झुठलाया नहीं जा सकता, इसलिए जरूरी है की न्यूरो की समस्या ज्यादा गंभीर न हो इसके लिए आपको डॉक्टर के संपर्क में आ जाना चाहिए। इसके अलावा ये समस्या गंभीर होने पर आपको झावर हॉस्पिटल का चयन करना चाहिए। ताकि आपकी समस्या का इलाज समय पर किया जा सकें।

निष्कर्ष :

अगर एक बार आपके दिमाग में न्यूरो संबंधी समस्या उत्पन्न हो गई तो इसका इलाज मिल पाना काफी मुश्किल हो जाता है, इसलिए जरूरी है की आपको इसके शुरुआती लक्षणों पर खास ध्यान रखना चाहिए और साथ ही आपको खुद के सेहत में किसी भी तरह का बदलाव नज़र आए को कृपया उसे नज़रअंदाज़ न करें। बल्कि सही समय पर डॉक्टर की सलाह लें।

क्या आयुर्वेद में पार्किंसंस बीमारी का इलाज किया जा सकता है? डॉक्टर से जाने इसके लक्षणों और महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में!
Hindi

क्या आयुर्वेद में पार्किंसंस बीमारी का इलाज किया जा सकता है? डॉक्टर से जाने इसके लक्षणों और महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में!

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पार्किंसंस रोग एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जो आम तौर पर, एक व्यक्ति के दिमाग में डोपामाइन का निर्माण करने वाली कोशिकाओं…

  • February 10, 2026

  • 1061 Views

क्या इन घरेलू उपचारों से मिर्गी का कारगर इलाज किया जा सकता है? जानें डॉक्टर से
Hindi

क्या इन घरेलू उपचारों से मिर्गी का कारगर इलाज किया जा सकता है? जानें डॉक्टर से

दरअसल, आज के समय में ऐसी बहुत सी समस्याएं हैं, जिन से लोगों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है। आम तौर पर, इसमें मिर्गी…

  • January 26, 2026

  • 2053 Views