मिर्गी का दौरा किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। इससे व्यक्ति का काम और जीवन बुरी तरीके से प्रभावित हो जाता है। मिर्गी के दौरे में, व्यक्ति को कपकपी छूटना, जमीन पर गिर जाना, दिन में सपना देखना और अचानक से डर लगना जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। पर, इसके अलावा भी व्यक्ति को बहुत कुछ महसूस हो सकता है। इस दौरे में, व्यक्ति में साफ़ साफ़ लक्षण नजर आ सकते हैं। पर, कभी- कभी दौरा दिमाग के अंदर चुपचाप भी पड़ सकता है। ऐसे में, यह बात भी बिल्कुल सच है, कि एक व्यक्ति के दिमाग के अंदर मिर्गी का दौरा बिना किसी बड़े झटके, कपकपी या फिर बेहोशी के चुपचाप पड़ सकता है। इसमें बहरी कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देता है। ऐसे में, पीड़ित व्यक्ति का ध्यान चारों ओर से हट जाता है और दिन में सपने देखने लग जाता है। इसी के चलते लोगों को इसके बारे में पता नहीं चल पाता है और जीवन मुश्किलों से भर जाता है।
दिमाग के अंदर चुपचाप पड़ने वाले मिर्गी के दौरे के लक्षण क्या हो सकते हैं?
आम तौर पर, दिमाग के अंदर चुपचाप पड़ने वाले दौरे के लक्षणों को अकसर ही आम समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, पर अगर इन लक्षणों पर ध्यान न दिता जाये, तो इससे समस्या में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि कभी-कभार दौरा पड़ने पर शरीर में कंपकंपी छूटना जैसा लक्षण नजर नहीं आ सकता है, बल्कि इस समस्या की शुरुआत बहुत ही मामूली लक्षणों के साथ हो सकती है। इस तरह की स्थिति में, व्यक्ति का शरीर न तो ढीला पड़ता है और न ही उसका ध्यान कहीं और भटकता है, बल्कि इस दौरान उस पीड़ित व्यक्ति के दिमाग में एक एक शॉर्ट सर्किट होता है, जिसकी वजह से वह कुछ वक्त तक के लिए अपने आप को संभाल नहीं पाता है और इससे दिमागी सेहत बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। ऐसे में, नजर आने वाले लक्षणों पर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, ताकि समस्या का समय पर इलाज कर, किसी बड़ी समस्या से अपना बचाव किया जा सके।
- आकाश में देखते रहना
दरअसल, आकाश में देखना दिमाग के अंदर चुपचाप पड़ने वाले मिर्गी के दौरे का एक आम और शुरूआती लक्षण हो सकता है। इस तरह की स्थिति में, अक्सर ही पीड़ित व्यक्ति बात करते-करते अचानक से ही रुक जाता है और उसी वक्त कुछ समय तक के लिए अपनी नजरों को आकाश की तरह कर लेता है। ऐसे में, आप देखेंगे, कि उस व्यक्ति का नाम पुकारने पर भी वो व्यक्ति कोई जवाब नहीं देता और अपने ही ख्यालों में कहीं खोया रहता है और फिर अचानक से ही अपने आप होश में आ जाता है। यहाँ तक कि ऐसे में कुछ मरीजों को इस वाक्य के बारे में खबर तक नहीं होती है, कि बात करते-करते अचानक से रुक गए थे।
- पहले हुई घटना जैसा महसूस होना
दरअसल, हम में से ज्यादातर लोगों ने डेजा वू के बारे में सुना ही होगा, कि जिस में व्यक्ति वर्तमान में हुई घटना को पहले हुई किसी घटना की तरह महसूस करने लग जाता है। इस दौरान उसको ऐसा लगता है, कि यह घटना उसके साथ पहले भी हो चुकी है। दरअसल, इसके लक्षण लोगों में अलग अलग नजर आ सकते हैं, जिस में आधे से ज्यादा लोगों को किसी विशेष गंध का अनुभव हो सकता है, जो वास्तव में वहां पर नहीं होती है। इसके के साथ कुछ लोगों को पेट में सनसनी जैसा महसूस हो सकता है।
- अचानक से डर या फिर खुशी का अनुभव होना
दरअसल, हमारे दिमाग की आम प्रतिक्रियाएं होती है, डर या फिर ख़ुशी का अनुभव करना। हर कोई हर रोज किसी न किसी बात की ख़ुशी या फिर डर को महसूस करता ही है। पर, बिना किसी कारण के और अचानक से डर या फिर किसी ख़ुशी का अहसास होना दिमागी सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। दरअसल, यह दिमाग के अंदर चुपचाप पड़ने वाले मिर्गी के दौरे का एक संकेत हो सकता है। यह स्थिति पीड़ित व्यक्ति के अंदर कम से कम एक मिनट तक बनी रहती है और उसी रस्तार से खत्म भी हो जाती है। हालांकि, हर व्यक्ति में उसके स्वास्थ्य के अनुसार इस के बने रहने का समय अलग-अलग हो है।
निष्कर्ष: मिर्गी एक आम समस्या है, जो किसी भी व्यक्ति को प्रबह्वीट कर सकती है। इस समस्या की चपेट में ज्यादातर छोटे बच्चे और बुजुर्ग लोग आते हैं। ऐसे में यह बात भी बिल्कुल सच है, कि एक व्यक्ति के दिमाग के अंदर मिर्गी का दौरा बिना किसी बड़े झटके, कपकपी या फिर बेहोशी के चुपचाप पड़ सकता है। इस समस्या की कई जटिलताएं हो सकती हैं, क्योंकि यह एक साइलेंट बीमारी है, जिसमें न व्यक्ति को इसके बारे में पता लग पाता है और न खुद व्यक्ति को इसके बारे में कोई भनक लगती है। ऐसे में, मरीज के लिए जीवन जीना काफी मुश्किलों हो जाता है, क्योंकि यह नजर नहीं आता है। ऐसे में, आपके काम काफी ज्यादा प्रभावित हो जाते हैं और लोग आपको लापरवाह और गैर जिम्मेदार समझने लग जाते हैं। पर, इसके लक्षणों पर ध्यान देकर इस समस्या का पता किया जा सकता है। ऐसे में, अगर आप चलते-चलते अचानक से आकाश की ओर देखने लगते हैं, पहले हुई घटना जैसा महसूस करने लगते हैं, अचानक से बिना किसी कारण के डर या फिर खुशी महसूस करते हैं, अपने होटों को चबाते हैं या फिर कपडों को खींचते हैं, तो ऐसे में आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह दिमाग के अंदर चुपचाप पड़ने वाले मिर्गी के दौरे के लक्षण हो सकते हैं, जिसको नजरअंदाज करना सेहत और जीवन दोनों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए, अपने हर मूवमेंट पर ध्यान दें और इस तरह की स्थिति उत्पन्न होते ही अपने डॉक्टर से इसका समाधान पूछें। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और मिर्गी जैसी दिमाग से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही झावर न्यूरो हॉस्पिटल के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!
प्रश्न 1. क्या वाकई मिर्गी का दौरा पड़ना सिर्फ कंपकंपी नहीं है?
मिर्गी का दौरा पड़ना, केवल शरीर में होने वाली कंपकंपी या फिर झटके नहीं होते हैं, बल्कि यह तो दिमाग के अंदर अचानक से होने वाली असामान्य इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी की वजह से उत्पन्न होने वाली एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति होती है, जो बीमार को बुरी तरीके से प्रभावित कर देती है।
प्रश्न 2. मिर्गी से किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होता है?
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि मिर्गी का खतरा सबसे ज्यादा छोटे बच्चों और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को काफी ज्यादा होता है। इसके अलावा, सिर में गंभीर चोट और दिमाग के संक्रमण वाले लोगों में भी इस समस्या का खतरा बना रहता है।
प्रश्न 3. क्या पर्याप्त पानी का सेवन करने से मिर्गी को रोका जा सकता है?
दरअसल, हाँ रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करने से मिर्गी के दौरे को रोका और कम किया जा सकता है। पानी इस समस्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
