मिर्गी के कारण लक्षण व क्या है इसके इलाज ?

मिर्गी का दौरा पड़ने से व्यक्ति की स्थिति काफी गंभीर हो जाती है, जिस कारण उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मिर्गी की समस्या क्यों उत्पन होती है और इसके कारण क्या है, इसके इलावा इस दौरे के पड़ने पर हमे किस डॉक्टर के पास जाना चाहिए हम इसके बारे में आज के आर्टिकल में बात करेंगे ;

मिर्गी के दोर्रे के कारण क्या है ?

  • पहला और महत्वपूर्ण आनुवंशिक कारण है।

  • सिर पर घातक चोट का लगना।

  • ब्रेन ट्यूमर का होना।

  • एड्स की समस्या।

  • जन्म से पहले शिशु के सिर में चोट का लगना।

  • जन्म से मौजूद विकास संबंधित विकार या तंत्रिका संबंधित रोग आदि।

मिर्गी का दौरा क्या है ?

  • मिर्गी केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से संबंधित विकार है, जिसकी स्थिति में मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिका की गतिविधि बाधित होती है। नतीजतन, मरीज को दौरे पड़ते हैं, वह बेहोश हो सकता है।

  • अधिकतर मामलों में मिर्गी के कारण पड़ने वाले दौरों से मस्तिष्क पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है, लेकिन कभीकभी दौरों के कारण मस्तिष्क को क्षति जरूर पहुंच सकती है।

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मिर्गी का इलाज कौन करता है ?

  • इसके इलावा इलाज से पहले आपको डॉक्टर की डिग्री पर भी खास ध्यान रखना चाहिए।

मिर्गी का दौरा पड़ने के तुरंत बाद क्या करें ?

मिर्गी का दौरा अगर पड़े तो आपको पहले तो ये देखना है कि मरीज़ की स्थिति कैसी है, इसके इलावा निम्न बातो का भी आपको खास ध्यान रखना चाहिए ;

  • इस बीमारी से जूझ रहे लोगों को तनाव बिल्कुल भी नही लेना चाहिए।

  • साथ ही ऐसी जगह पर काम न करें जहां प्रेशर हो, जितना हो सके खुश रहें और अपने दिमाग को आराम दें, क्युकि रिलैक्स होने से मांसपेशियों को भी काफी आराम मिलता है। और अपने रुटीन में मेडिटेशन, योग को जरूर शामिल करें।

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मिर्गी के लक्षण क्या है ?

इसके लक्षण कई तरह के हो सकते है, जैसे;

  • अचानक गुस्सा आना।

  • एक ही जगह पर घूमते रहना।

  • मेमोरी का लॉस होना।

  • कुछ समय के लिए कुछ भी याद न रहना।

  • बिना किसी कारण के स्तब्ध रह जाना।

  • अचानक खड़ेखड़े गिर जाना।

  • चेहरे, गर्दन और हाथ की मांसपेशियों में बारबार झटके आना।

मिर्गी में कौनसा उपचार सहायक है ?

मिर्गी में काफी उपचार सहायक माने जाते है, जिनमे से कुछ को हम निम्न में प्रस्तुत कर रहे है ;

  • इसके इलावा एंटीएपिलेप्टिक दवाएं लेने से मिर्गी के दौरे को कम किया जा सकता है।

  • वेगस तंत्रिका उत्तेजना, इसका उपयोग तब किया जाता है, जब मिर्गी का दौरा ज्यादा बढ जाए ।

  • जिन लोगों में मिर्गी के दौरे दवाओं से कंट्रोल नहीं होते, उन्हें डॉक्टर उच्च वसा और कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट वाले आहार लेने का सुझाव देते हैं।

  • मस्तिष्क का जो हिस्सा दौरे के कारण बनता है, उसे अनुभवी न्यूरोलॉजिस्ट मस्तिष्क की सर्जरी के माध्यम से सही कर देते है।

  • मिर्गी का इलाज डॉक्टर शुरुआती तौर पर कुछ मिर्गी की दवाइयां देकर सही करते है।

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उपरोक्त उपचार के बारे में तो आपने जान ही लिया है, यदि मिर्गी के दौरे से आप भी परेशान है और इसका उपचार करवाना चाहते हो तो झावर हॉस्पिटल से जरूर संपर्क करे, क्युकि इस हॉस्पिटल में मिर्गी की सर्जरी को अनुभवी डॉक्टरों के द्वारा किया जाता है।

निष्कर्ष :

मिर्गी के दौरे के हल्के लक्षण दिखने पर इसे नज़रअंदाज़ न करे बल्कि इसका इलाज अनुभवी न्यूरोलॉजिस्ट के सम्पर्क में आकर जरूर करवाए।

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