दरअसल, चारकोट मैरी टूथ रोग को आनुवंशिक तंत्रिका से जुड़े विकारों का एक समूह माना जाता है, जो आम तौर पर, परिधीय नसों पर काफी ज्यादा असर डालता है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ये नसें दिमाग और रीढ़ की हड्डी के बीच सिग्नल को शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती हैं। असल में, चारकोट मैरी टूथ रोग जैसी स्थिति पर, अपना महत्वपूर्ण ध्यान केंद्रित करना इसलिए भी जरूरी नहीं होता है, क्योंकि यह आम होती है, जो लगभग 2,500 लोगों में से सिर्फ एक को ही होती है, बल्कि यह इसलिए भी जरूरी होता है, क्योंकि यह मोबिलिटी और जीवन की क्वालिटी पर काफी ज्यादा बुरा असर डालती है। चारकोट मैरी टूथ रोग का जल्दी पता करना और असरदार प्रबंधन इस बीमारी से प्रभावित लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए बहुत जरूरी होता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में अब सवाल यह उठता है, कि आखिर चारकोट मैरी टूथ रोग क्या होता है? दरअसल, चारकोट मैरी टूथ रोग एक जेनेटिक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है, आम तौर पर जिसमें एक व्यक्ति की मांसपेशियों में धीरे-धीरे कमजोरी और शरीर के अंगों का आकार घटना शुरू हो जाता है, विशेष रूप से पैरों और पैरों में सड़न होने लग जाती है। चारकोट मैरी टूथ रोग का कोई भी इलाज नहीं है, पर अच्छी बात यह है, कि इस तरह की समस्या के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए बहुत सारे उपचार उपलब्ध हैं, जिसमें चिकित्सा उपचार, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और आहार में बदलाव में बदलाव शामिल है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
चारकोट मैरी टूथ रोग के कारण क्या होते हैं?
वैसे तो, चारकोट मैरी टूथ रोग के कई कारण होते हैं, पर इसमें कुछ निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- संक्रामक कारण
- पर्यावरणीय कारण
- आनुवंशिक या फिर स्वप्रतिरक्षित कारण
चारकोट मैरी टूथ रोग के क्या लक्षण हो सकते हैं?
आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि बिमारी के प्रकार और समस्या की गंभीरता के आधार पर, लोगों में चारकोट मैरी टूथ रोग के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। आम तौर पर, इसके सामान्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- मांसपेशियों में कमजोरी: चारकोट मैरी टूथ रोग अक्सर पैरों और टांगों से ही विकसित होता है, आम तौर पर, जिसमें एक व्यक्ति को चलने-फिरने में काफी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और इस तरह की स्थिति में बार बाद ठोकर लगने की दिक्क्त होती है।
- मांसपेशियों का विनाश: एक व्यक्ति की मांसपेशियों के ऊतकों में धीरे-धीरे कमजोरी होना और शरीर के अंगों का आकार घटना शुरू हो जाता है। खासकर पैरों के निचले हिस्से और पैर की उंगलियों में।
- पैरों की खराबी: दरअसल, मांसपेशियों में असंतुलन के कारण हाई आर्च (पेस कैवस) या फिर सपाट पैरों का निर्माण हो सकता है।
- सुन्नपन और झुनझुनी: आम तौर पर, इस तरह की समस्या के कारण प्रभावित व्यक्तियों के पैरों और हाथों में सेंसरी लॉस या फिर असामान्य सेंसेशन जैसी समस्या महसूस हो सकती है।
- सूक्ष्म शारीरिक कौशल में कठिनाई: दरअसल, उन कामों में समस्याएं होना, जिन के लिए हाथों के तालमेल की काफी ज्यादा जरूरत होती है, जैसे कि शर्ट के बटन को लगाने या फिर लिखने का काम।
चारकोट मैरी टूथ रोग के उपचार विकल्प क्या होते हैं?
वैसे तो, चारकोट मैरी टूथ रोग का किसी भी तरह का कोई भी इलाज नहीं है, पर अच्छी बात यह है, कि इस तरह की समस्या के लक्षणों को कंट्रोल करने और साथ में जीवन की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए बहुत सारे उपचार उपलब्ध हैं, जिस में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
चिकित्सा उपचार में शामिल हो सकते हैं:
- दवाएं।
- सर्जरी।
गैर-औषधीय उपचार में शामिल हो सकते हैं:
- फिजियोथेरेपी।
- ऑक्यूपेशनल थेरेपी।
- आहार में बदलाव।
निष्कर्ष: चारकोट मैरी टूथ रोग एक जेनेटिक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है, जिसके लक्षणों में मांसपेशियों में कमजोरी, पैरों की खराबी और सुन्नपन और झुनझुनी शामिल है। इसका कोई इलाज नहीं है, पर लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए कई उपचार उपलब्ध हैं, जैसे कि आपको इस लेख के बताए गए हैं। अगर आपको भी चारकोट मैरी टूथ रोग जैसी कोई समस्या है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही झावर न्यूरो हॉस्पिटल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में, जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. मुझे चारकोट मैरी टूथ रोग के लक्षणों के लिए डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?
वैसे तो, आपको अपने शारीरिक चेकअप के लिए डॉक्टर के पास जाते रहना चाहिए, पर अगर आपको चारकोट मैरी टूथ रोग के लक्षणों में अचानक बदलाव महसूस हो, जैसे कि एकदम से कमजोरी बढ़ना या फिर सनसनी कम होना, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
प्रश्न 2. चारकोट मैरी टूथ रोग के शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं?
चारकोट मैरी टूथ रोग के शुरुआती लक्षणों में पैरों का लटकना, चलने में काफी ज्यादा मुश्किल होना, हाथों-पैरों में सुन्नपन और झुनझुनी महसूस होना शामिल होती है। अगर आपको इस तरह के लक्षणों का एहसास होता है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
