क्या है सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस और कैसे करें इसका उपचार ?

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस जिसे गर्दन में गठिया भी कहा जाता है, जिसके कारण आपके गर्दन में चोट अकड़न और दर्द का अनुभव हो सकता है | आज के दौर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का कोई निश्चित इलाज नहीं है लेकिन स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की मदद से इस समस्या को खराब होने में या फिर रोकने में मदद मिल सकती है | आइये जानते है सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के बारे में विस्तारपूवर्क से :- 

न्यूरोमास्टर झावर हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर सुखदीप झावर ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो में इस बात का जिक्र किया की सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस एक सामान्य शब्द का मेल है, जिसमे सर्वाइकल आपकी गर्दन के सात खड़ी हड्डियों की उल्लेखना करता है और स्पोंडिलोसिस तब होता है जब आपके शरीर की रीढ़ की हड्डिया घिसने लग जाती  है | इस समस्या को ऑस्टियोऑर्थराइट्स या फिर गर्दन में गठिया के नाम से भी जाना जाता है | 

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सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस से पीड़ित व्यक्ति को अक्सर गर्दन में चोट, अकड़न और दर्द होने की शिकायत रहती है | यह समस्या इतनी आम है की बढ़ती उम्र के साथ सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का उत्पन्न होना स्वाभाविक है | बढ़ती उम्र के साथ शरीर पर भी काफी बदलाव आते है, जिसमे से एक है रीढ़ की हड्डियों में बदलाव और घिसाव होना | यह समस्या आम-तौर पर तब बढ़ता है जब किसी व्यक्ति की उम्र 30 वर्ष से पार चली जाती है | 60 की उम्र तक तो लगभग 10 में 9 लोग इस सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस समस्या का शिकार हो जाते है | आइये जानते है इसके मुख्य लक्षण और कारण क्या है :- 

 

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के मुख्य लक्षण क्या है ? 

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आम-तौर पर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की समस्या बिना किसी लक्षण से भी हो सकता है, इसके अलावा कई मामलों में लक्षण देखने को भी मिल जाते है जिसमे शामिल है :- 

  • गर्दन में दर्द होना 
  • गर्दन का अकड़ जाना 
  • आपकी गर्दन में गांठ या उभर का आना
  • मांसपेशियों में ऐंठन आना 
  • जब गर्दन को हिलाते हो तो पॉप, क्लिक और पीसने की आवाज़ आती है | 
  • चक्कर आने लगता है |  
  • सिरदर्द बहुत होता है | 

 

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के मुख्य कारण क्या है ?

यह समस्या होने का सबसे आम कारण है, रीढ़ की हड्डियों में परिवर्तन आना जो उम्र बढ़ने के साथ-साथ होता है | इसके अलावा चिकित्सा संबंधी परिवर्तन स्थितियां भी शामिल होती है, जो समय के साथ-साथ बढ़ती रहती है, जैसे की :- 

 

  • 60 वर्ष या फिर उससे भी अधिक उम्र का होना 
  • धूम्रपान या फिर शराब जैसे नशीली पदार्थ का सेवन करना 
  • ऐसा काम करना जिसे आपको पूरा दिन निचे देखना पड़े
  • वजनदार वस्तु को उठाने के समय गर्दन में दबाव डालना 
  • इस समस्या का पारिवारिक इतिहास होना 
  • गर्दन में लगी पुरानी चोट के कारण 
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यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे है तो बेहतर है किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाएं और अच्छे से इलाज करवाएं, ताकि समय रहते इस समस्या को कम करने की मदद मिल सके | इससे संबंधित कोई भी जानकारी या फिर इलाज के लिए आप न्यूरोमास्टर झावर हॉस्पिटल  से परामर्श कर सकते है, यहाँ के डॉक्टर सुखदीप झावर ब्रेन और स्पाइन के न्यूरो सर्जन में स्पेशलिस्ट है जो इस समस्या को कम करने में आपकी मदद कर सकते है |

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