जानिए चक्कर आने के क्या है लक्षण, कारण, निदान व घरेलू उपचार ?

आज के समय की बात करें तो भाग-दौड़ भरी जिंदगी में खान-पान का अच्छे से ध्यान न रखना कही न कही चक्कर आने की गंभीर समस्या में शामिल है। वही चक्कर आने के दौरान व्यक्ति बेहोश, कमजोर या अस्थिर महसूस कर सकता है। इसके अलावा ये समस्या क्यों उत्पन्न होती है इसके कारण क्या है, और इसके लक्षणों को जानकर हम कैसे खुद का बचाव कर सकते है इसके बारे में आज के आर्टिकल में बात करेंगे ;

चक्कर आने के कारण क्या है ?

चक्कर आने के कई कारण हो सकते है, जैसे-

  • वर्टिगो, बता दे की इस स्थिति में आस-पास की जगह या चीजें घूमती हुई मेहसूस होती है।
  • माइग्रेन से पीड़ित लोगों को चक्कर आने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। 
  • रक्तचाप में तेज या तेजी से गिरावट के कारण चक्कर का आना काफी गंभीर समस्या हो सकती है।
  • हृदय रोग भी चक्कर की समस्या को उत्पन्न कर सकता है। 
  • एनीमिया से पीड़ित लोगों को चक्कर आने का अनुभव हो सकता है। 

उपरोक्त चक्कर आने के कारण ज्यादा गंभीर है या नहीं के बारे में विस्तार से जानने के लिए बेस्ट न्यूरोलॉजिस्ट लुधियाना से संपर्क करें।

क्या है चक्कर का आना ?

  • चक्कर का आना एक ऐसा स्थिति है जो सुस्त, अस्थिर, लाइट-हेडेड या कमजोर होने की भावना से जुड़ा है। 
  • आमतौर पर असंतुलन यानी की डिस-इक्विलिब्रियम और वर्टिगो, चक्कर आने का मुख्य कारण होते है।
  • वही जब हमारे द्वारा अच्छी डाइट को नहीं लिया जाता है तब भी ये समस्या उत्पन्न होती है।

लक्षण क्या है चक्कर आने के ?

  • असामान्य रूप से हिलने-डुलने की अनुभूति जैसे कि एक तरफ से दूसरी तरफ हिलने का एहसास होना।
  • एक ऐसा एहसास जहां व्यक्ति को महसूस होता है कि वह घूम रहा है या उसके आस-पास की दुनिया घूम रही है।
  • असंतुलन या संतुलन खोने की भावना। 
  • उल्टी या मतली की अनुभूति आदि।

चक्कर से बचाव का घरेलू उपचार क्या है ?

  • अपना संतुलन खोने की संभावना से आपको अवगत रहना है, जिससे गिरने और गंभीर चोटें लग सकती है।
  • अतिरिक्त स्थिरता के लिए अचानक हिलने-डुलने से बचें।
  • अपने टब और शॉवर के फर्श पर फिसलन रहित चटाई का प्रयोग करें।
  • चक्कर आने पर तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं। 
  • यदि आप बिना किसी चेतावनी के बार-बार चक्कर आने का अनुभव करते है, तो कार चलाने या भारी मशीनरी चलाने से बचें।
  • कैफीन, शराब, नमक और तंबाकू के सेवन से बचें। इन पदार्थों का अत्यधिक उपयोग आपके संकेतों और लक्षणों को और गंभीर बना सकता है।
  • पर्याप्त तरल पदार्थ पिएं।
  • यदि आपको किसी दवा के कारण चक्कर आते है, तो खुराक को रोकने या कम करने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।
  • यदि चक्कर आने के साथ मतली आती है, तो मेक्लिज़िन या डाइमेनहाइड्रिनेट जैसे ओवर-द-काउंटर एंटीहिस्टामाइन लेने का प्रयास करें। 
  • यदि आप अधिक गर्मी या निर्जलीकरण के कारण चक्कर महसूस कर रहे है, तो किसी ठंडी जगह पर आराम करें और पानी या स्पोर्ट्स ड्रिंक पियें।

सुझाव :

यदि आप लगातार चक्कर आने की समस्या से परेशान है, तो इससे बचाव के लिए आप झावर हॉस्पिटल के अनुभवी न्यूरोलॉजिस्ट से सम्पर्क करें। 

निष्कर्ष :

चक्कर का आना वैसे ज्यादा गंभीर समस्या नहीं है,अगर समय पर इसके उपचार के बारे में सोच ले तो। वही यदि आप इस समस्या से निजात पाना चाहते है तो इससे बचाव के लिए आपको उपरोक्त बातों का ध्यान रखना चाहिए और साथ ही अपने खान-पान में पौष्टिक आहार को शामिल करें।

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